कहा जाता है शनिदेव का नाम सुनकर अच्छे अच्छे लोगों के कान खड़े हो जाते हैं. जी दरअसल शनि देव की दृष्टि जिसपर भी पद जाती है उसके साथ बहुत बुरा होता है. ऐसे में बहुत कम लोग इस बात से वाकिफ है कि शनिदेव है कौन. ऐसे में अगर आप भी नहीं जानते हैं कि वह कौन है तो …
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शिवरात्रि विशेष : पवित्र शिव चालीसा का पाठ, देगा सारे सुखों का शुभ वरदान
शिव चालीसा पढ़ने से भोलेनाथ होते हैं प्रसन्न, देते हैं वरदान…शिव चालीसा पढ़ने का अलग ही महत्व है। शिव चालीसा के माध्यम से आप अपने सारे दु:खों को भुलाकर भगवान शिव की अपार कृपा प्राप्त कर सकते हैं। भगवान शिव की सभी स्तुतियों में शिव चालीसा को श्रेष्ठ और कल्याणकारी माना गया है। खासतौर पर महाशिवरात्रि पर श्री शिव चालीसा …
Read More »इस महाशिवरात्रि पर शिव पूजन की सबसे सरल विधि यहां पढ़ें, जानिए क्या करें सारा दिन
कहते हैं चाहे कोई भी समय हो कोई भी जगह हो जब मन प्रसन्न हो तब ही भगवान की आराधना करना चाहिए। मन प्रसन्न रहेगा तो पूजन में भी मन लगेगा। आइए जानते हैं इस महाशिवरात्रि पर कैसे करें घर में भोलेनाथ का पूजन : * ब्रह्म मुहूर्त में उठ कर स्नानादि से निवृत्त होकर एक चांदी के पात्र में …
Read More »अविवाहित कुंती से ऐसे हुआ कर्ण का जन्म और नदी में बहा दिया
क्षत्रियाद्विप्र कन्यायां सूतो भवति जातितः।वैश्यान्मागध वैदेहो राजविप्राड.गना सुतौ।। -10वें अध्याय का 11वां श्लोकमनु स्मृति से हमें ज्ञात होता है कि ‘सूत’ शब्द का प्रयोग उन संतानों के लिए होता था, जो ब्राह्मण कन्या से क्षत्रिय पिता द्वारा उत्पन्न हों। लेकिन कर्ण तो सूत्र पुत्र नहीं, सूर्यदेव के पुत्र थे। इस सूत को कालांतर में बिगाड़कर शूद्र कहा जाने लगा। अंतत: शूद्र कौन, …
Read More »जब अर्जुन का दिल आ गया मणिपुर की राजकुमारी चित्रांगदा पर तो नरेश ने रखी ये शर्त
वनवास के दौरान कुंति पुत्र अर्जुन एक बार महेन्द्र पर्वत होकर समुद्र के किनारे चलते-चलते हुए मणिपुर पहुंचे। वहां उन्होंने मणिपुर नरेश चित्रवाहन की पुत्री चित्रांगदा को देखा तो देखते ही रह गए, क्योंकि वह बहुत ही सुंदर थी।तब उन्होंने मणिपुर के नरेश के समक्ष पहुंचकर कहा, राजन् मैं कुलीन क्षत्रीय हूं। आप मुझसे अपनी कन्या का विवाह कर दीजिए। चित्रवाहन के पूछने पर अर्जुन ने …
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Shree Ayodhya ji Shradhalu Seva Sansthan राम धाम दा पुरी सुहावन। लोक समस्त विदित अति पावन ।।