कालभैरव भगवान शिव का रौद्र स्वरूप हैं, जिनकी उत्पत्ति ब्रह्मा के अहंकार और शिव के अपमान के कारण हुई थी। उन्होंने ब्रह्मा का पांचवां सिर नोच लिया, जिससे उन्हें ब्रह्महत्या का दोष लगा। काशी में यह दोष दूर हुआ और वे काशी के संरक्षक बन गए, जहां वे पापियों को दंडित कर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करते हैं। मार्गशीर्ष कृष्ण …
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उत्पन्ना एकादशी के दिन तुलसी से जुड़ी इन बातों का रखें ध्यान
हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर विधिपूर्वक व्रत किया जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह में उत्पन्ना एकादशी व्रत किया जाता है। इस दिन तुलसी से जुड़े नियम का पालन करना चाहिए। इससे घर में मां लक्ष्मी का आगमन होता है। ऐसे में आइए जानते हैं तुलसी से जुड़े नियम। हर माह के …
Read More »मार्गशीर्ष सोमवार पर बन रहा दुर्लभ संयोग
10 नवंबर 2025 के अनुसार, सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस शुभ अवसर पर सोमवार का व्रत रखा जाता है। इस व्रत के पुण्य-प्रताप से साधक के सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। आज यानी 10 नवंबर को मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है और इस तिथि पर सोमवार पड़ रहा …
Read More »काल भैरव देव की पूजा के समय करें इन मंत्रों का जप
ज्योतिषियों की मानें तो कालाष्टमी पर शिववास योग समेत कई मंगलकारी योग बन रहे हैं। इन योग में देवों के देव महादेव की पूजा करने से साधक को मनचाहा वरदान मिलेगा। साथ ही आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है। वैदिक पंचांग के अनुसार, बुधवार 12 नवंबर को काल भैरव जयंती है। यह पर्व हर साल अगहन माह के कृष्ण पक्ष …
Read More »उत्पन्ना एकादशी पर की गई ये गलतियां दे सकती है दुर्भाग्य को न्योता
उत्पन्ना एकादशी मार्गशीर्ष महीने के कृष्ण पक्ष में आती है, जिसका हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन व्रत रखने से पापों से मुक्ति मिलती। यह सभी एकादशी व्रतों की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन को लेकर कई सारे नियम बनाए गए हैं, तो आइए उनके बारे में जानते हैं। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का बहुत ज्यादा …
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Shree Ayodhya ji Shradhalu Seva Sansthan राम धाम दा पुरी सुहावन। लोक समस्त विदित अति पावन ।।