भारतीय धर्म और संस्कृति में सूर्य को साक्षात् ईश्वर कहा जाता है। मान्यता है कि हमारे पूर्वज वैवस्वत मनु की ही संतानें हैं। वैवस्वत अर्थात् विवस्वान, जो कि भगवान सूर्य का ही नाम है। अप्रत्यक्ष तौर पर हमारा जन्म भगवान सूर्य के माध्यम से हुआ है। इस तरह से सूर्य जगत् पिता हैं। सूर्य में सृष्टि की शक्ति विद्यमान है, …
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धनतेरस पर नहीं खरीद सकते हैं सोना-चांदी तो लायें ये पांच वस्तुए
हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस का पर्व मनाया जाता है. इस दिन धन्वंतरी जयंती भी मनाई जाती है. धन्वंतरी जयंती अर्थात धनतेरस पर धातु की वस्तु खरीदने की प्रथा है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन सोने –चांदी आदि की वस्तुएं खरीदने से घर में धन-वैभव और सुख- समृद्धि की वृद्धि होती है. परन्तु …
Read More »इस वजह से मनाई जाती है दिवाली से पहले छोटी दिवाली
दीपावली से एक दिन पहले छोटी दिवाली मनाने की प्रथा है। इस वर्ष छोटी दीपावली 13 नवंबर को मनायी जाएगी। छोटी दीपावली नरक चतुर्दशी के दिन मनायी जाती है। मान्यता के मुताबिक, छोटी दिवाली की रात में घरों में वृद्ध व्यक्ति द्वारा एक दीया जलाकर पूरे घर में घुमाया जाता है तथा उस दीये को घर से बाहर कहीं दूर …
Read More »धरम और कर्म के बीच कभी भी नही करना चाहिए ढोंग
धार्मिक कर्मों का मानव जीवन में अत्याधिक महत्व होता है। धार्मिक कर्मों से ही व्यक्ति धन संपदा,प्रतिष्ठा, मान, सम्मान सुख शांति भरा जीवन प्राप्त करता है। किसी नगर में एक महान व्यक्ति रहते थे। वे बहुत ही सच्चे व सरल स्वभाव के थे। ऐसे व्यक्तियों को संत की उपाधी दी जाती है। वे संत व्यक्ति अपना जीवन भक्ति भाव के …
Read More »499 वर्ष के बाद बन रहा है ये दुर्लभ योग, जानिए क्या है विशेष
2020 में सामाजिक जीवन के साथ साथ धार्मिक गतिविधियों में भी अप्रत्याशित परिवर्तन हुए हैं। श्राद्ध के अगले दिन आरंभ होने वाले नवरात्र एक महीना आगे खिसक गए। चौमासा पंचमासा में बदल गया तो दीवाली के पंच पर्व 4 दिवसीय हो गए हैं। यहां तक कि शरद् पूर्णिमा का ‘ब्लू मून’ भूकंप और सुनामी तक ले आया। अधिकांश त्योहारों को …
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Shree Ayodhya ji Shradhalu Seva Sansthan राम धाम दा पुरी सुहावन। लोक समस्त विदित अति पावन ।।