सौराष्ट्रे सोमनाथं,श्री शैले मल्लिकार्जुनम्, उज्जैनियाम् महाकालम् ओंकारेश्वरम् मल्लेश्वरम्। जी हां बारह ज्योर्तिलिंग इस धरा धाम पर हैं जो कि परम पिता शिव के साक्षात् स्वरूप हैं। इन बारह लिंगों में भगवान शिव साक्षात् शक्ति स्वरूप ज्योति के रूप में प्रतिष्ठापित हैं। भगवान शिव के ये ज्योर्तिलिंग अनादिकाल से आस्था का केंद्र हैं। भगवान के इन ज्योर्तिलिंगों में श्री ओंकारेश्वर सबसे प्रमुख …
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आलोर मंदिर के पट खुलते है वर्ष में एक बार
छत्तीसगढ़ के आलोर से कुछ दूर फरसगांव में स्थित एक ऐसा दरबार है, जहां के पट वर्ष में एक ही बार खुलते है. लिंगेश्वरी माता के मंदिर का पट खुलते ही पांच व्यक्ति रेत पर अंकित निशान देखकर भविष्य में घटने वाली घटनाओं की जानकारी देते हैं. रेत पर यदि बिल्ली के पंजे के निशान हों तो अकाल और घोड़े …
Read More »पापों से मुक्ति दिलाते हे भोलेनाथ
भगवान शंकर हमेशा अपने सभी भक्त जनों की रक्षा करते हैं। उनकी मनोकामना को पूर्ण करते हे यदि भक्त सच्चे दिल से एक बार भी शिव की आराधना कर ले तो भगवान खुश होकर उसके जीवन मे उन्नति प्रदान करते हे उनकी भक्ति करना बहुत ही सरल होता है। पूरे इस भारत वर्ष में भगावन भोले नाथ के 12 ( बारह) ज्योतिर्लिंग हैं और उन सभी …
Read More »खजाना ही खास नहीं पशुनाथ मंदिर का
दक्षिण भारतीय राज्य केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में एक किले के भीतर पद्मनाथ भगवान का मंदिर है, इन्हें अनन्तशयन भी कहते हैं। यहां भगवान पद्मनाभ की शेषशय्या पर शयन किये हुए विशाल मूर्ति है। मूर्ति की लम्बाई 18 मीटर है। इतनी बड़ी शेषशायी मूर्ति देश विदेश के किसी और मंदिर में नहीं है। यहां भगवान की नाभि से निकले कमल …
Read More »सोमवार को फलदायी होती है शिव आराधना
सचार चर पर पूर्णात् शिवोहम्, शिवोहम्..। इस तरह का मंत्र आपने अपने जीवन में कई बार सुना होगा। दरअसल शिव ही इस सृष्टि का आधार हैं। शिव को आदि देवों में माना जाता है। इन्हें महादेव भी कहा जाता हैं वेद में इन्हें रूद्र कहा जाता है। ये व्यक्ति की चेतना के अंतर्यामी हैं, शिव की अर्धांगिनी को शक्ति का …
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Shree Ayodhya ji Shradhalu Seva Sansthan राम धाम दा पुरी सुहावन। लोक समस्त विदित अति पावन ।।