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खरमास के महीने में हमें अधिक से अधिक भजन-कीर्तन और संतसंग करने चाहिए: धर्म

आज 14 मार्च, से खरमास की शुरुआत हो रही है। सूर्य देव के मीन राशि में प्रवेश करते ही खरमास या मलमास प्रारंभ हो जाता है, इस बार यह 14 मार्च से प्रारंभ होकर 13 अप्रैल तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खरमास के प्रारंभ होते ही शुभ कार्य वर्जित होते हैं। इस माह किसी भी तरह के मांगलिक कार्य …

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मनुष्य को समाज के सभी धर्मों और संप्रदायों का आदर करना चाहिए: धर्म

प्रत्येक धर्म का लक्ष्य समाज में एकता की चेतना जगाना होता है। मनुष्य को सभी धर्मों और संप्रदायों का आदर करना चाहिए। अगर ऐसी भावना मन में होगी तो समाज से ऊंच-नीच का भेद अपने-आप मिट जाएगा। यूं तो धर्मों और उनके उपधर्मों या संप्रदायों की संख्या आठ से दस हजार है। इनमें आदिवासियों के विश्वास, पंरपराओं और रीति-रिवाजों से लेकर …

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पुराणों के अनुसार माँ सरस्वती, शिव और देवी दुर्गा की बेटी है: धर्म

सरस्वती, ज्ञान और चेतना का प्रतिनिधित्व करती हैं। वे वेदों की जननी हैं और उनके मंत्रों को ‘सरस्वती वंदना’ भी कहते हैं। माना जाता है कि सरस्वती, शिव और देवी दुर्गा की बेटी हैं। वह मनुष्य की वाणी, बुद्धि और विद्या की शक्तियों से संपन्न होती हैं। उनके पास व्यक्तित्व के चार पहलुओं का प्रतिनिधित्व करते हुए चार हाथ हैं- …

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पापमोचिनी एकादशी का व्रत करने से सहस्त्र अर्थात् हजार गायों के दान का फल मिलता: धर्म

पापमोचनी एकादशी पापों को नष्ट करने वाली एकादशी है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा कहा जाता है कि पापमोचनी एकादशी व्रत करने से व्रती के समस्त प्रकार के पाप और कष्ट दूर हो जाते हैं। इस व्रत को करने से भक्तों को बड़े से बड़े यज्ञों के समान फल की प्राप्ति होती है। पापमोचिनी एकादशी का व्रत करने से सहस्त्र अर्थात् …

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जीवन में कभी भी हमें अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में किसी को भी नहीं बताना चाहिए: आचार्य चाणक्य

चाणक्य नीति में चाणक्य द्वारा सफलता पूर्वक जीवन जीने के कई उपाय बताएं गए हैं। चाणक्य ने 4 ऐसी बातों का जिक्र किया है, जिनको अपनाने से जीवन में खुशियां ही खुशियां आ जाएंगी। चाणक्य के अनुसार जीवन में कभी भी हमें अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में किसी को भी नहीं बताना चाहिए। परेशानी कैसी भी क्यों न आ …

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