मूर्ति बहुत विकसित लोगों ने पैदा की थी। यह समझ लेना जरूरी है कि मूर्ति का जो संबंध है, वह है ब्रह्मांडीय शक्ति से। हमारे चारों तरफ जो ब्रह्म शक्ति है, उससे संबंधित होने का सेतु है वह। जिन लोगों ने भी मूर्ति विकसित की होगी, उन लोगों ने जीवन के परम रहस्य के प्रति सेतु बनाया था। यह परम …
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Shree Ayodhya ji Shradhalu Seva Sansthan राम धाम दा पुरी सुहावन। लोक समस्त विदित अति पावन ।।