भगवान् भोलेनाथ का नाम जपने से दूर हो जायेंगे सारे संकट

भगवान शंकर के न जाने कितने ही रूप व नाम हैं और हर नाम की अपनी महिमा है. इनके हर नाम में एक विशेष शक्ति छिपी हुई  है. यह शक्त‍ि तमाम समस्याओं को नष्ट कर जीवन में सुख का संचार करने वाली हो सकती है. आइए आपको बताते हैं भगवान शिव के अलग-अलग नामों को जपने का महत्व क्या है. ‘विश्वम्भर’ नाम से मिलेगा रोजगार- नौकरी के लिए भगवान शिव के ‘विश्वम्भर’ नाम का प्रयोग करें. खाते-पीते, उठते-बैठते शिव का ‘विश्वम्भर’ नाम जपते रहें . आपकी रोजगार की समस्या जल्दी ही दूर हो जा सकती है. महेश्वर’ नाम से चलेगा कारोबार- कारोबार बढ़ाने के लिए भगवान शिव के ‘महेश्वर’ नाम का प्रयोग करें. इस नाम का जाप करते हुए काम पर निकलें. कारोबार की हर समस्या हल होगी और सफलता मिलेगी.

‘आशुतोष’ से सुधरेगा जीवनसाथी का व्यवहार- जीवनसाथी से अनबन को दूर करने के लिए भगवान शिव के ‘आशुतोष’ नाम का प्रयोग करें. सुबह उठने के बाद और रात में सोने के पहले इस नाम का जाप करें. आपके जीवनसाथी का बर्ताव बेहतर होने लग सकता  है . ‘महादेव’ नाम से पाएं अच्छी सेहत- सुबह नहा-धोकर मंदिर में शिव जी को जल चढ़ाएं और ‘महादेव’ नाम का कम से कम 15 मिनट जाप करें. इससे आपकी सेहत में अद्भुत सुधार होगा. ‘रूद्र से सुधरेगा संतान का बर्ताव- दोपहर के समय “रूद्र” नाम का 15 मिनट जाप करें. इसके बाद अपनी संतान का 11 बार नाम लेने से उसके व्यवहार में सुधार हो सकता है.

‘नटराज’ देगा मान-सम्मान- यश और कीर्ति पाने के लिए भगवान शिव के ‘नटराज’ नाम का प्रयोग करें. प्रदोष काल में शिव के ‘नटराज’ नाम का 108 बार जाप करें. इससे आपका मान-सम्मान बढ़ेगा, नाम और यश भी मिलेगा. ‘बाबा’ भगाएंगे बड़ी विपत्ति- भगवान शिव के ‘बाबा’ नाम में बड़ी से बड़ी विपत्ति को टालने की शक्ति है. जितना ज्यादा शिव के इस नाम का जप करेंगे उतना ही अधिक लाभ होगा. शिव खोलेंगे मोक्ष का द्वार- मोक्ष प्राप्ति के लिए भगवान के ‘शिव’ नाम का ही जाप करें. शिव जी का ध्यान करते हुए ‘शिव’ नाम का जाप करने का फल ज़रूर मिलता है. अगर किसी सिद्ध व्यक्ति से ‘शिव’ नाम का मंत्र मिले तो यह सबसे उत्तम होगा.

इस वजह से बाघ की खाल पहनते हैं भोलेनाथ
यह है वो स्थान जहा हुआ था शिव-पार्वती का विवाह

Check Also

यह होता है मूर्ति खण्डित होने का मतलब,जानिए उसके बाद क्या करना चाहिए

बहुत से लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि मूर्ति खण्डित हो गई …